23-Aug-2023 05:30 PM
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नयी दिल्ली, 23 अगस्त (संवाददाता) खादी ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने रक्षाबंधन के पर्व पर स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत की भावना का लाभ उठाने के लिए बुधवार को पहली बार ‘खादी रखी’ की बिक्री शुरू करने की घोषणा की।
केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने यहां कनॉट प्लेस में राजधानी के प्रसिद्ध खादी भवन में आयोजित विशेष समारोह में देश भर में 20 जगह तैयार विविध प्रकार के बहुरंगी और बहु आयामी खादी के रक्षा-सूत्रों के कई सेट का लोकार्पण किया। उन्होंने विश्वसास जताया कि ‘बापू (महात्मा गांधी) के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान’ की बदौलत खादी ग्रामोद्योग के अन्य उत्पादों की तरह भाई-बहन के पवित्र प्रेम और त्याग की प्रतीक रक्षाबंधन के पर्व पर खादी से बने रक्षा सूत्र भी जन-जन में लोकप्रिय होंगे।’
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि केवीआईसी ने खादी राखी बड़ी सोच के साथ प्रस्तुत की जा रही है। इनका मूल्य 20 से 250 रुपये प्रति सूत्र तक है।
श्री कुमार ने कहा, “हमने इसमें ऐसी राखी प्रस्तुत की है जो खादी के घागे, गाय के गोबर और तुलसी के बीजों से तैयार की गयी है। इसे जहां निस्तारित किया जएगा वहां तुलसी के पौधों का अंकुरण होगा।’’
श्री कुमार ने कहा, “खादी के रक्षा-सूत्र का यह अनावरण खादी के धागों की कताई बुनाई में लगी बहनों और भाइयों को नयी शक्ति नयी ताकत देगा। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को बल मिलेगा। प्रधानमंत्री ने गत सात अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर भारत मंडपम के उद्घाटन के अवसर पर देशवासियों को खादी ग्रामोद्योग के सामान खरीदने का आह्वान किया था। उसकी प्रेरणा लेकर केवीआईसी ने खादी राखी की नयी शुरुतात की है।”
केवीआईसी अध्यक्ष ने मीडिया के माध्यम से देशवासियों को खारी-राखी को प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए ‘वोकल फाॅर लोकल’ के लिए काम करने तथा कमजोर वर्ग के लोगों की रोजगार और आय में मदद करने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे खादी के रक्षा सूत्र की मांग होगी हम इसके विनिर्माण कार्य का विस्तार करेंगे।
उन्होेंने खादी राखी के बिक्री के लक्ष्य के बारे कोई निश्चित संख्या नहीं बतायी पर कहा कि आयोग इसके प्रचार प्रसार के लिए सोशल मीडिया सहित सभी माध्यमों का उपयोग करेगा । इनकी आन लाइन बिक्री भी की जाएगी।
खादी राखी के प्रचार के लिए कोई ब्रांड अम्बेस्डर जोड़ने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “बापू के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री मोदी जी की अपील के बाद खादी को इसकी जरूरत नहीं है।” उन्होंने कहा कि खादी ग्रामोद्योग उत्पादों की सालाना बिक्री 1.35 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गयी है जो प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खादी के प्रोत्साहन में सरकार के प्रयासों की सफलता का गवाह है।...////...